16-Dec-2021 02:09 PM
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तमिलनाडु के कुन्नूर में 8 दिसंबर को CDS बिपिन रावत के हेलिकॉप्टर क्रैश में घायल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का बुधवार को निधन हो गया। वरुण 7 दिन से बेंगलुरु के अस्पताल में भर्ती थे। ग्रुप कैप्टन वरुण की पार्थिव देह बेंगलुरु के यलहंका एयरपोर्ट पर पहुंची। यहां उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। यहां से पार्थिव शरीर भोपाल लाया जाएगा। कुछ ही देर में एयरफोर्स का विमान भोपाल लैंड कर सकता है।
प्रशासन का प्लान वरुण का अंतिम संस्कार भदभदा विश्राम घाट पर कराने का था, लेकिन वरुण के पिता के कहने पर अंतिम संस्कार अब बैरागढ़ में शुक्रवार सुबह 11 बजे होगा। दरअसल, पिता ने कलेक्टर को बताया कि अंतिम यात्रा भदभदा ले जाएंगे तो शहर का ट्रैफिक जाम होगा। वह नहीं चाहते के लोग मेरे बेटे की वजह से परेशान हों। भोपाल कलेक्टर अविनाश लवानिया ने बताया कि ग्रुप कैप्टन की पार्थिव देह गुरुवार दोपहर 2.30 बजे सेना के विमान से भोपाल आएगी। एयरपोर्ट रोड सन सिटी कॉलोनी में उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।
आज यह रह सकती है अंतिम दर्शन की व्यवस्था
दोपहर 2.30 बजे तक सेना के विमान से ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की पार्थिव देह भोपाल आ सकती है। यहां पर CM शिवराज सिंह चौहान, मंत्री-विधायक समेत कई लोग श्रद्धांजलि देंगे। यहां से पार्थिव देह उनके निवास सन सिटी कॉलोनी में लाई जाएगी। जहां आम लोगों के दर्शन के लिए पार्थिव देह रखी जाएगी। यहां पर शाम 5 बजे तक अंतिम दर्शन किए जा सकते हैं। इसके बाद देह सेना के अस्पताल में रखी जाएगी।
कल अंतिम यात्रा का रूट यह रह सकता है
अंतिम संस्कार के लिए 6 किमी का ये रूट रहेगा- सन सिटी कॉलोनी, लालघाटी चौराहा, बैरागढ़ होते हुए बैरागढ़ विश्राम घाट पहुंचेगी अंतिम यात्रा। अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उनके गृह जिले देवरिया (उत्तर प्रदेश) से भी परिवार के लोग भोपाल आ रहे हैं। ग्रुप कैप्टन की ससुराल इंदौर में है। उनकी पत्नी गीतांजलि के चचेरे भाई संजय सिंह ने बताया कि वरुण साल में एक या दो बार इंदौर आते थे। इसी महीने शौर्य चक्र मिलने की खुशी में पार्टी देने इंदौर आने वाले थे।
परिवार को 1 करोड़ की सम्मान निधि
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन पर दु:ख जताया। उन्होंने कहा कि राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ शहीद वरुण सिंह को अंतिम विदाई दी जाएगी। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के परिजन को 1 करोड़ की सम्मान निधि दी जाएगी। उनके परिवार से बात करके शासकीय नौकरी, उनकी स्मृति में मूर्ति लगवाने और स्मारकों के नाम रखने जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
भोपाल में रहते हैं मम्मी-पापा
शहीद वरुण के पिता और सेना के रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह भोपाल की एयरपोर्ट रोड पर बनी सन सिटी कॉलोनी में ही रहते हैं। वरुण भी अक्सर भोपाल आते-जाते थे। हालांकि, वरुण सिंह के परिवार का कोई भी सदस्य अभी यहां नहीं है और घर में ताला लगा हुआ है।
दिवाली में भोपाल आए थे वरुण
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के पड़ोसी और सन सिटी उत्सव समिति कॉलोनी भोपाल के अध्यक्ष दलजीत सिंह गुरुदत्ता ने बताया कि वरुण अभी दिवाली में घर आए थे। वह बहुत मिलनसार थे। कॉलोनी के बच्चों से बहुत दुलार करते थे। जब कभी आते तो सभी बच्चों से मिलते। उनकी हौसला अफजाई करते। साथ ही बच्चों से उनके लक्ष्य के बारे में पूछते, फिर उन्हें करियर टिप्स देते थे। पड़ोसी अनिल मूलचंदानी ने बताया कि भोपाल शहर उन्हें काफी पसंद था। पड़ोसी महेंद्र त्यागी ने कहा कि वरुण के पिता उनके अच्छे दोस्त हैं। जब वरुण अस्पताल में भर्ती थे तो उनके पिता से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि अभी बेटा अच्छा है। हमें विश्वास नहीं हो रहा है कि वरुण अब हमारे बीच नहीं रहे।
भाई नौसेना में, पिता रिटायर्ड कर्नल
20 साल पहले वरुण सिंह का परिवार भोपाल शिफ्ट हो गया था। सन सिटी कॉलोनी में उनके पिता रिटायर्ड कर्नल केपी सिंह और मां उमा सिंह रहते हैं। वहीं, वरुण सिंह अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ तमिलनाडु के वेलिंगटन में रहते थे। उनके छोटे भाई तनुज नौसेना में लेफ्टिनेंट कमांडर हैं। उनकी पोस्टिंग मुंबई में है।
2008 में इंदौर आए थे बारात लेकर
वरुण सिंह का ससुराल इंदौर में है। वरुण 20 जनवरी 2008 को इंदौर की गीतांजलि से विवाह सूत्र में बंधे थे। गीतांजलि पुणे के फर्ग्यूसन कॉलेज से BA कर रही थी, उसी दौरान वरुण से मुलाकात हुई। तब वरुण व परिवार भोपाल में ही रहता था।
capt varun..///..tomorrow-will-be-the-funeral-of-captain-varun-in-bairagarh-334437