10-Dec-2021 08:36 PM
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आयोग ने कहा - मुख्य सचिव एवं कमिश्नर इंदौर एक माह में दें जवाब
झाबुआ जिले के सात गांवों के’ 65 आदिवासी महिला-पुरुषों को महाराष्ट्र व कर्नाटक के सीमावर्ती इलाकों में बंधुआ मजदूर बनाकर काम कराया जा रहा है, ऐसा मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार ये मजदूर एक महीने से ज्यादा समय से यहां हैं, उन्हें एक स्थानीय ठेकेदार के माध्यम से वहां ले जाया गया है। पहले 400 रुपये प्रतिदिन मजदूरी बताई, लेकिन वहां पहुंचने पर किसी को भी मजदूरी नहीं दी। पूरे समय गन्ना कटाई का काम कराया जाता है, खाने के लिये पर्याप्त खाना भी नहीं दिया जा रहा है। रात के समय कमरों में बंद रखा जाता है, बाहर निकलने पर धमकी दी जाती है। इनमें से एक मजदूर ने चुपके से वीडियो रिकार्डिंग बनाकर घर वालों को भेज दी। इसके बाद गांव के लोग कलेक्टर से मिले। कलेक्टर ने एक टीम रवाना की, उनके साथ गांव के लोग भी थे। पुलिस को भी सूचना दी गई। मामले में संज्ञान लेकर मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति नरेन्द्र कुमार जैन ने मुख्य सचिव, म.प्र. शासन, कमिश्नर इंदौर संभाग तथा कलेक्टर झाबुआ से एक माह में तथ्यात्मक जवाब मांगा है।
mp human rights..///..65-tribal-laborers-of-jhabua-held-hostage-in-maharashtra-and-karnataka-333324